पुराने समय में ऐसे साईकल में लादकर नारियल के पेड़ मे बांध कर रॉकेट लांच किया गया था।
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पुराने समय में ऐसे साईकल में लादकर नारियल के पेड़ मे बांध कर रॉकेट लांच किया गया था।

पुराने समय में ऐसे साईकल में लादकर नारियल के पेड़ मे बांध कर रॉकेट लांच किया गया था।


डॉ. साराभाई ने 15अगस्त 1969 को इसरो की स्थापना की थी। और इसरो की स्थापना के पहले 1963 में भारत ने पहला रॉकेट छोड़ा था, जिसे साईकल पर लादकर केरल के थुंबा गांव में प्रक्षेपण स्थल पर ले जाया गया था। भारत ने पहले रॉकेट के लिए नारियल के पेड़ों को लांचिंग पैड बनाया था। समुद्र किनारे खड़े नारियल के पेड़ों पर इस रॉकेट को बांधा गया था। और फिर सभी विज्ञानिको ने मिलकर इसे लांच किया। इस मिशन का दूसरा रॉकेट काफी बड़ा और भारी था, जिसे बैलगाड़ी के सहारे प्रक्षेपण स्थल पर ले जाया गया था ।

और यह समय ऐसा था जब वैज्ञानिकों के पास कोई भी कार्यालय भी नहीं हुआ करता था वे कैथोलिक चर्च सेंट मैरी मुख्य कार्यालय में बैठकर सारी प्लानिंग करते थे।


आर्यभट्ट 

आर्यभट्ट को 1975 में लांच किया गया था जिसका नाम खगोलीय वैज्ञानिक के नाम पर रखा गया था इसे सोवियत संघ की मदद से लांच किया गया था ।



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